Wednesday, October 21, 2009

भूखमरी एक समस्या


भारत आज दुनिया के सबसे तेज विकासशील देशों में से एक है लकिन आज भी भारत में कुपोषण से मरने वाले बच्चो की संख्या सबसे अधिक है। अन्तररास्ट्रीय सुरक्षा एजेन्सी के सर्वेक्षण के अनुशार भारत में हर साल कुल जन्मदर का आधा बच्चे कुपोषण का शिकार होने से मर जाते है। यह हमारे लिए शर्म की बात है अगर इनके हिसाब से देखा जाए तो लगभग हर साल 15 से 20 लाख बच्चे कुपोषण से उत्पन्न बीमारियों का शिकार होने की वजह से अपना दम तोड़ देते है।
दुनिया भर में कुपोषण से मरे बच्चों में हर तीसरा बच्चा भारत का होता है यहाँ हर 15 सेकंड में एक बच्चा कुपोषण से मरता है। अगर शिक्षा की व्यवस्था को देखा जाए तो यही कहा जा सकता है कहीं बच्चे हैं तो स्कूल नहीं है और स्कूल है तो वो बने नही है। बने है तो पढ़ाने के लिए अध्यापक नही है। सब कुछ लचर है। इस मामले में सरकार भी नाकाम है पता नहीं कुछ कर नही पा रही या करने नही दिया जा रहा है पर जो भी हो इसका परिणाम आने वाले कल के लिए बहुत ही अफसोसजनक है। अशिक्षा और कुपोषण के खिलाफ हमें एक साथ मिलकर लड़ना होगा तभी शायद कुछ सम्भव हो सकता है।
ऐसा नहीं है की यह समस्या केवल हमारे ही देश में है दुनिया में नम्बर एक मानेजाने वाले देश अमेरिका में भी लाखों बच्चे भूखमरी और कुपोषण के शिकार हैं
अगर दुनिया के विकासशील देशों को देखा जाए तो उनमें 40% बच्चे गरीबी रेखा के नीचे जीवन जी रहें है उनको दो वक्त का पेटभर खाना भी नसीब नही होता ऐसे में वो शिक्षा के बारें में कैसे सोच सकते है। उनके लिए तो सबसे पहले रोटी मायने रखती है क्यों की भूखे पेट इन्सान कुछ भी नहीं सोच सकता
विकासशील देशों में ऐसे बच्चों के लिए अनेक कार्यकर्म चलाये जा रहे हैं। डेल्ही में एक कल्यानकारी संस्था द्वारा चलाये जा रहे कार्यक्रम की बदौलत लड़कियों की पढाई में 7.7% और लड़कों की पढाई में 3.2% की बढोतरी हुई है
50% नवजात शिशु इसलिए मर जाते है क्योंकी भारत में ज्यादातर प्रसव घरों में ही होते है जिसके कारण माँ और शिशु की देखभाल सही प्रकार से नहीं हो पाती है
भारत जैसे विशाल जनसँख्या वाले देश में इस समस्या से निजात पाना थोड़ा मुश्किल जरूर होगा लेकिन नामुमकिन नहीं

2 comments:

  1. हिंदी में लेखन के लिए स्वागत एवं शुभकामनाएं

    ReplyDelete
  2. आपका लेख पड्कर अछ्छा लगा, हिन्दी ब्लागिंग में आपका हार्दिक स्वागत है, मेरे ब्लाग पर आपकी राय का स्वागत है, क्रपया आईये

    http://dilli6in.blogspot.com/

    मेरी शुभकामनाएं
    चारुल शुक्ल
    http://www.twitter.com/charulshukla

    ReplyDelete