Thursday, October 29, 2009

आतंकवाद और हम



आज की बदलती हुई तस्वीर । हम करे भी तो क्या करें जिस रफ्तार से आतंकवादी गतिविधिया बढ़ रही हैं उस हिसाब से क्या अंदाजा लगाया जाए । मैं एक बात जरूर कहना चाहुंगा क्या जब भी देश में कोई आतंकवादी गतिविधि होती है तो क्या वो सभी आतंकी बाहर से आते है मुझे ऐसा नहीं लगता क्योंकि शरहद पार करना इतना आसान नही होता । इसलिए ये कहना ग़लत नहीं होगा की आतंकी हमारे देश में ही पैदा होते है । कुछ लोग थोड़े से पैसे और थोड़े से लालच मैं आकार कुछ भी नहीं सोच पाते । बस अपने लालच और स्वार्थ में इतने अंधे हो जाते हैं की अपने जमीर तक को बेच देते हैं ।

वो लोग ये नही सोच पाते की कुछ लोग अपने ग़लत मकसद के लिए उनका ग़लत इस्तमाल कर रहें है । ये आतंकवाद हमारे देश के लिए एक बहुत बड़ा अभिशाप है । हमे अपने दिल और दिमाग दोनों को ठंडा करके एक बात समझ लेनी चाहिए की हम सब एक इन्सान हैं हम सब को एक ही भगवन या खुदा ने बनाया है ।

हम सबसे पहले एक इन्सान हैं उसके बाद कुछ और अगर हम किसी चीज को बना नही सकते तो उसे बिगाड़ने का कोई हक़ नही बनता । जब हम किसी को जिंदगी दे नहीं सकते तो उसे मिटाने का क्या अधिकार है । जब सूर्य रोशनी देने में चाँद चांदनी देने में भेदभाव नही करता तो हम कैसे एक दूसरे के साथ भेदभाव कर सकते है । जरा सोचो हिंदू, मुस्लिम, सिख इशाई आपस में सब भाई-भाई यह कहना ग़लत है क्या ?

मेरी आप सब से इस ब्लॉग के मध्यम से एक प्राथना है की आप लोग अपने अन्दर के जमीर को और इंसानियत को जिन्दा रखे इस धरती पर जो आया है उसे जाना ही पड़ता है यहाँ कोई खूंटा गाड़ कर नही आया है इसलिए की वह यह सोच ले नही जाएगा तो यह ग़लत होगा बस फर्क इतना है की कोई वक़त से पहले ही चला जाता है तो कोई वक़त के बाद इसलिए ये ध्यान रहे की हम अपने आने वाली पीढ़ी ( नेक्स्ट जेनरेशन ) को क्या दे कर जा रहे हैं सुखा चैन की जिंदगी या दहसत भरी जिंदगी ये सोचना किसी एक का काम नही बल्कि हम सब की जिम्मेदारी है। इसलिए मेरे मेरी बातों को कृपया एक बार जरूर सोचे
धन्यवाद् ।

इस ब्लॉग में कुछ ग़लत लिखा हो तो कृपया माफ करे आपका अपना एक हिन्दुस्तानी !

जय हिंद |

Wednesday, October 21, 2009

भूखमरी एक समस्या


भारत आज दुनिया के सबसे तेज विकासशील देशों में से एक है लकिन आज भी भारत में कुपोषण से मरने वाले बच्चो की संख्या सबसे अधिक है। अन्तररास्ट्रीय सुरक्षा एजेन्सी के सर्वेक्षण के अनुशार भारत में हर साल कुल जन्मदर का आधा बच्चे कुपोषण का शिकार होने से मर जाते है। यह हमारे लिए शर्म की बात है अगर इनके हिसाब से देखा जाए तो लगभग हर साल 15 से 20 लाख बच्चे कुपोषण से उत्पन्न बीमारियों का शिकार होने की वजह से अपना दम तोड़ देते है।
दुनिया भर में कुपोषण से मरे बच्चों में हर तीसरा बच्चा भारत का होता है यहाँ हर 15 सेकंड में एक बच्चा कुपोषण से मरता है। अगर शिक्षा की व्यवस्था को देखा जाए तो यही कहा जा सकता है कहीं बच्चे हैं तो स्कूल नहीं है और स्कूल है तो वो बने नही है। बने है तो पढ़ाने के लिए अध्यापक नही है। सब कुछ लचर है। इस मामले में सरकार भी नाकाम है पता नहीं कुछ कर नही पा रही या करने नही दिया जा रहा है पर जो भी हो इसका परिणाम आने वाले कल के लिए बहुत ही अफसोसजनक है। अशिक्षा और कुपोषण के खिलाफ हमें एक साथ मिलकर लड़ना होगा तभी शायद कुछ सम्भव हो सकता है।
ऐसा नहीं है की यह समस्या केवल हमारे ही देश में है दुनिया में नम्बर एक मानेजाने वाले देश अमेरिका में भी लाखों बच्चे भूखमरी और कुपोषण के शिकार हैं
अगर दुनिया के विकासशील देशों को देखा जाए तो उनमें 40% बच्चे गरीबी रेखा के नीचे जीवन जी रहें है उनको दो वक्त का पेटभर खाना भी नसीब नही होता ऐसे में वो शिक्षा के बारें में कैसे सोच सकते है। उनके लिए तो सबसे पहले रोटी मायने रखती है क्यों की भूखे पेट इन्सान कुछ भी नहीं सोच सकता
विकासशील देशों में ऐसे बच्चों के लिए अनेक कार्यकर्म चलाये जा रहे हैं। डेल्ही में एक कल्यानकारी संस्था द्वारा चलाये जा रहे कार्यक्रम की बदौलत लड़कियों की पढाई में 7.7% और लड़कों की पढाई में 3.2% की बढोतरी हुई है
50% नवजात शिशु इसलिए मर जाते है क्योंकी भारत में ज्यादातर प्रसव घरों में ही होते है जिसके कारण माँ और शिशु की देखभाल सही प्रकार से नहीं हो पाती है
भारत जैसे विशाल जनसँख्या वाले देश में इस समस्या से निजात पाना थोड़ा मुश्किल जरूर होगा लेकिन नामुमकिन नहीं

Tuesday, September 8, 2009

My opinion about Ragni Khanna


रागनी जी एक बहुत ही अछी अदाकारा हैं । इस समय उनका सीरियल भास्कर भारती जो की सोनी टीवी पर सोमवार से बृहस्पत वार तक रात नो बजे से प्रसारित होता है मै उसका दैनिक दर्शक हूँ । मुझे रागनी जी का काम बहुत अछा लगता है । वैसे तो इसके सभी कलाकार अच्छे है । अमरजीत सर , अरमान , ज्ञान और भरती की सबसे अच्छी दोस्त पायल। पायल के बारे में एक चीज़ जरूर कहना चाहुँगा अगर ज़िन्दगी में हर किसी को एक ऐसा दोस्त मिल जाये तो समझो की इस ज़माने में खुदा मिल गया । और भारती की खासियत यह है की वह बहुत ही बहादुर और प्रतिभावान लड़की है । खैर कुछ भी हो इस शो को जितनी देर भी देखो अच्छा लगता है । क्योकि इसको देखकर कोई दिमागी तनाव नही होता बाकि सास बहू सीरियल की तरह । मेरी भागवान से यही प्राथना है की रागनी जी खूब नाम कमाए और खूब तरक्की करें ।
फिर मिलेंगे अगले ब्लॉग मैं तब तक के लिए जय श्री राम ।

Monday, August 31, 2009

आज की समस्या

Check Spellingआज का बिचार यह है की आज हम लोग कुछ भी ठीक नही शोचते । हम यह चाहते है की सब कुछ हमें बैठे बिठाये मिल जाए लकिन अगर ऐसा होता तो कितना अच्छा होता। पर अगर ऐसा नही है तो हमें कुछ सोचना चाहिए । आज के समय में हम सभी लोग यही चाहते है की हम भी एक धनी यक्ति हों ऐसा सोचना ग़लत नही है । पर हम ऐसा बनने के लिए हम कई बार जो शौर्ट कट रास्ता अपनाते है वह हमें कितना भारी पड़ता है ये हम जब तक समझ पाते है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है । और इसका खामियाजा हमारे पुरे परिवार को भुगतना पड़ता है । जिनका इसमे कोई कसूर नही होता। इसलिए हमे यह कोसिस करनी चाहिए की हम कोई भी ऐसा काम न करे जिससे की हमारे परिवार को किसी मुसीबत का सामना करना पडे ।
दोस्तों फिर मिलेंगे अगले ब्लॉग में।






Ragni Khanna

Thursday, August 20, 2009

we meet earlier